मुंबई में 60 लोगों ने समुद्र में किया प्रदर्शन | पोर्ट पर आने वाले जहाजों का रास्ता, 39 साल से मांग रहे मोर्टार

मुंबई6 मिनट पहले

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प्रदर्शन करने वाले हनुमान कोलीवेड गांव के हैं।  60 लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया।  - दैनिक भास्कर

प्रदर्शन करने वाले हनुमान कोलीवेड गांव के हैं। 60 लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया।

शनिवार को मुंबई के 60 लोगों ने समुद्र तट पर प्रदर्शन किया। इनमें पुरुष और दोनों शामिल थे। ये सभी एक नाव के जरिए समुद्र में गए और मुंबई पोर्ट पर आने वाली जहाजों को ब्लॉक कर दिया गया।

ठाणे पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन करने वाले हनुमान कॉली वेव गांव के हैं। 60 लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया। मांग है कि, सरकार ने पोर्ट बनाने के लिए 1984 में पुरानी जमीनों का अधिग्रहण किया था। उनके सिद्धांत से कोई प्रमाण नहीं मिला है।

गांव के सरपंच परमानंद कोली ने कहा- यह नेहरू पोर्ट पर जमीन के लिए खुदाई का कार्य किया गया है। वह 38 साल पहले से मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।

भारत सरकार ने रायगढ़ जिले के शेवा गांव की 256 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था।

भारत सरकार ने रायगढ़ जिले के शेवा गांव की 256 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था।

अब पूरा मामला समझिए…
यह मामला 1984 का है। भारत सरकार ने रायगढ़ जिले के शेवा गांव के 256 कब्रिस्तानों की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए कबाड़ी बंदरगाह का निर्माण कराया। उसके बाद से ये सभी परिवार हनुमान कॉली वेड ट्रांजिट कैंप में रह रहे हैं।

ज़मीन अधिग्रहण के बदले में ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया गया था। रायगढ़ के कलेक्टर ने ये परिवार उरान में 17 ओक के जंगल की जमीन ए लोट की बताई। मगर लोगों ने इसे लेने से मना कर दिया। उनका कहना था, पेड़ों को काटने पर हमारी कटिंग और बढ़ोतरी हो सकती थी, ऐसे में गांव वालों ने उस जमीन को लेने से मना कर दिया।

जिसके बाद प्रशासन की ओर से उन्हें दूसरी जमीन का लाइसेंस तो दिया गया लेकिन कोई हल नहीं मिला। 2021 में अंतिम चरण में मंत्री और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित के गांव वालों के साथ बैठक हुई थी तब भी कोई समाधान नहीं निकला।

नेहरू पोर्ट देश के टॉप पोर्ट में गिना गया
नेहरू पोर्ट देश के शीर्ष 12 बंदरगाहों में से एक है। महाराष्ट्र के नवी मुंबई में स्थित इस पोर्ट को पहले नवा शिवा पोर्ट भी कहा जाता था। यह भारत का पश्चिमी तट क्षेत्र का प्रमुख बंदरगाह है।

खास बात यह है कि देश में आने वाले कुल कार्गो खरीद का आधा हिस्सा इसी पोर्ट पर उतरते हैं। देश के बंदरगाह में इसकी हिस्सेदारी 52% है।

यह देश का पहला ऐसा पोर्ट है जिसका हर बर्थ पीपीपी मॉडल पर संचालन होता है।

यह देश का पहला ऐसा पोर्ट है जिसका हर बर्थ पीपीपी मॉडल पर संचालन होता है।

साथ ही 2022 में इसकी योजना एक करोड़ टीईयू क्षमता तक पहुंचने की थी। यहां टीईयू एक मापक है, जो माप के आकार को मापता है। यह बीस फुट के बराबर होता है।

यह देश का पहला ऐसा पोर्ट है जिसका हर बर्थ पीपीपी मॉडल पर संचालन होता है। इसके साथ ही 80 लाख टीईयू की क्षमता के साथ यह दुनिया का 28वां सबसे बड़ा सिग्नल टर्मिनल है।

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अडानी के स्कॉट पोर्ट में ₹4,605 ​​करोड़ की जांच अमेरिका

अमेरिका की इंटरनेशनल फाइनेंसियल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (DFC) ने अडानी पोर्ट में ₹4,605 ​​करोड़ का निवेश जारी किया है। डीएफसी यह निवेश इंडोनेशिया में स्थित है।

अडाणी पोर्ट्स के सीईओ करण अडाणी का कहना है कि यह किसी भी प्राइवेट सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। वहीं अमेरिका के बाहर डीएफसी के लिए भी यह सबसे बड़ी जांच है। पढ़ें पूरी खबर…

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